आपदा में टूटी लाइन, बंदरों का आतंक… जनता दरबार में खुलीं जिले की समस्याएं

  • 28 शिकायतें, ज्यादातर का मौके पर निस्तारण
  • सीडीओ ने अफसरों को दिए स्थायी समाधान के निर्देश

गोपेश्वर (चमोली)। कहीं आपदा में टूटी पेयजल लाइन अब भी लोगों की प्यास बुझाने का इंतजार कर रही है, तो कहीं बंदरों का आतंक परेशानी का सबब बना हुआ है। किसी को प्रधानमंत्री आवास की दरकार है तो कोई गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिजन के इलाज के लिए आर्थिक मदद की उम्मीद लेकर पहुंचा। सोमवार को जिला सभागार में लगे जनता दरबार में 28 शिकायतों के जरिए जिले की जमीनी समस्याएं सामने आईं। सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने ज्यादातर शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को त्वरित और स्थायी समाधान के निर्देश दिए

मलतूरा, नारायणबगड़ के सुरेंद्र सिंह ने आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की समस्या उठाई। उनका कहना था कि अगस्त 2025 में लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद से समस्या बनी हुई है। चमोली के देवेंद्र गुसाईं ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की, जबकि गोपेश्वर की प्रियंका देवी राशन कार्ड बनवाने के लिए पहुंचीं। नंदानगर के गंडासू की मनीषा देवी ने प्रधानमंत्री आवास की मांग रखी। ग्वीलों की इंदू देवी ने कैंसर से पीड़ित पति के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी। तेफना की संगीता देवी ने स्वरोजगार दिलाने की फरियाद की। इनके अलावा विनीता देवी, रामचंद्र नैनवाल, सुखदेव सिंह, बलवंत सिंह राणा, लखपत सिंह नेगी, अशोक बिष्ट, गजेंद्र सिंह रावत और मंगल सिंह समेत अन्य लोगों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

शिकायतें केवल एक-दो विभागों तक सीमित नहीं रहीं। लोक निर्माण, स्वास्थ्य, बिजली, वन, जल निगम, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, समाज कल्याण, पुलिस, खाद्य आपूर्ति, पर्यटन, कृषि और पशुपालन समेत कई विभागों से जुड़े मामले जनता दरबार में पहुंचे।

सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को सौंपते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को सिर्फ निस्तारित दिखाने के बजाय उनका समयबद्ध, पारदर्शी और स्थायी समाधान किया जाए।

जनता दरबार में परियोजना निदेशक आनंद सिंह, एसडीएम चमोली राजकुमार पांडेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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