प्रशासन से वार्ता पर परियोजना प्रभावितों का आंदोलन टला

गोपेश्वर (चमोली)। नागपुर-बंड क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अब प्रशासन के साथ हुई वार्ता के पश्चात आंदोलन को 15 दिनों के लिए टाल दिया गया है।

बताते चलें कि टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना के प्रभावितों ने विभिन्न समस्याओं के निस्तारण न होने पर 5 अप्रैल से आंदोलन का ऐलान किया था। प्रभावितों के अल्टीमेंटम के चलते अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीएचडीसी तथा जिला प्रशासन ने प्रभावितों की समस्याओं के निदान के लिए 15 दिनों का समय मांगा। इस पर प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने हामी भरी उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन को विवश होगी। काफी देर तक चली बैठक में दोनों पक्षों ने आंदोलन को स्थगित करने पर सहमति बनी।

नागपुर-बंड क्षेत्र के प्रभावितों ने साफ तौर पर कहा कि प्रभावित अधिकारियों के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता पकड़ना पड़ रहा था। अब जबकि प्रशासन की मध्यस्थता के चलते मांगों के समाधान का भरोसा मिला है तो प्रभावित अब 15 दिनों का इंतजार करने को तैयार हैं।

गौरतलब है कि प्रभावित परियोजना प्रभावित क्षेत्र के विकास, रोजगार, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे है। इसके बावजूद टीएचडीसी तथा एचसीसी प्रबंधन मांगों की अनदेखी कर रहा है। 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीण नाराज चल रहे हैं। प्रभावितों का आरोप है कि टनल निर्माण से रसायन युक्त दुषित पानी सीधे अलकनंदा में प्रभावित किया जा रहा है। इससे जलीय जीवों और नदी की पवित्रता पर संकट मंडरा रहा है। गोचर भूमि न होने के चलते अब पारिस्थिकीय का संकट भी खड़ा हो गया है। टनल का मलवा घाटों और रास्तों पर फेंकने से अंतिम संस्कार में दिक्कते आ रही है। क्रशर प्लांट से ध्वनि तथा वायु प्रदूषण से लोगों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों को 70 फीसद रोजगार की व्यवस्था अमल में नहीं लाई जा रही है। सुरंग निर्माण में विस्फोटों से मकानों में दरार तो आई गई है अपितु पेयजल स्रोत भी सूख गए है। इस प्रभावित क्षेत्र को आंशिक प्रभावित श्रेणी में रखना किसी के गले नहीं उतर रहा है।

इस दौरान दशोली की ब्लाॅक प्रमुख विनीता देवी, ज्येष्ठ प्रमुख विपिन कंडारी, जिला पंचायत सदस्य संतोषी, बेमरू के प्रधान रविंद्र नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश नवानी, मनोज कुमार, संजय राणा, इंद्र सिंह, रचना देवी, वीना देवी, हरेंद्र पंवार, दीपक सती, अनिल जोशी, प्रकाश पंवार, नरेंद्र पोखरियाल, पान सिंह, पूजा देवी, मनोरमा देवी, भुवना देवी, कुसुम रावत, आशीष कुमार, संतोष, आशा पंवार, सावन, मुकेश, एसडीएम आरके पांडेय, तहसीलदार दीप्ति शिखा आदि बैठक में मौजूद रहे।

 

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