कुंभ मेला 2027 : श्रद्धालुओं के साथ ही मेला ड्यूटी पर आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर फोकस, महिला पुलिसकर्मियों के लिए बन रही है 100 बेड की बैरक

  • पुलिस कर्मियों के लिए 300 बेड की बैरक बनाने का प्रस्ताव
  • अग्निशमन कर्मियों के लिए भी बैरकों के निर्माण की कवायद
  • अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण कर स्थान की उपयुक्तता परखी

हरिद्वार : कुंभ मेला-2027 में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही बाहर से मेला ड्यूटी पर आने वाले पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर भी शासन-प्रशासन ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। मेला ड्यूटी के दौरान तैनात किए जाने वाले पुलिस एवं अग्निशमन कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थायी बैरकों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बैरकों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

रोशनाबाद स्थित पुलिस लाइन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए 100 बेड क्षमता की बैरक का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है। यह बैरक विशेष रूप से महिला कर्मियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है, जिसमें सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके अलावा ऋषिकेश स्थित भद्रकाली पुलिस चौकी में भी पुलिसकर्मियों के लिए बैरक का निर्माण किया जा रहा है।

कुंभ मेला की व्यवस्थाओं के तहत हरिद्वार में पुलिसकर्मियों के लिए 300 बेड क्षमता की एक बड़ी बैरक के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही अग्निशमन कर्मियों के लिए अलग से बैरकों के निर्माण की योजना है, ताकि आपातकालीन सेवाओं में लगे कर्मचारियों को भी बेहतर सुविधा मिल सके। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद कुंभ मेला, कांवड़ मेला तथा वर्षभर आयोजित होने वाले प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान अन्य जिलों एवं राज्यों से आने वाले सुरक्षा कर्मियों को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

कुंभ मेला व्यवस्थाओं के अंतर्गत प्रस्तावित बैरकों के लिए उपयुक्त स्थान के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशानुसार अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने संबंधित अधिकारियों की टीम के साथ बैरागी कैंप स्थित घोड़ा पुलिस लाइन तथा मायापुर स्थित फायर स्टेशन परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरकों के निर्माण के लिए उपलब्ध भूमि, पहुंच मार्ग, यातायात की सुगमता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन अध्ययन किया। अपर मेलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैरकों के लिए ऐसे स्थान का चयन किया जाए, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध हो और वहां से मेला क्षेत्र के भीड़-भाड़ वाले केंद्रों तक कम समय में आसानी से पहुंचा जा सके।

अपर मेलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित स्थलों के संबंध में रिपोर्ट मेलाधिकारी को प्रस्तुत कर अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। ताकि निर्माण कार्य को समय से पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक जे.आर. जोशी, मेला कार्यालय के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग एवं पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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