थराली तथा कर्णप्रयाग विधानसभा सीटों पर नहीं कोई सियासी हलचल

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले की बदरीनाथ सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी तथा कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला में चुनावी तैयारियों को लेकर एक दूसरे आगे निकलने की होड़ मची हुई है। इसके इतर कर्णप्रयाग तथा थराली विधानसभा सीटों पर फिलहाल खामोशी पसरी है। उत्तराखंड में सिर पर आते विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदार एक दूसरे को पछाडने की कसरत में जुटे हुए हैं। बदरीनाथ सीट पर तो पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी तथा विधायक लखपत बुटोला मौजूदा दौर में चुनावी तैयारियों को लेकर गांव-गांव की खाक छान रहे हैं। इसके चलते अभी से बदरीनाथ सीट सियासी सरगर्मी तेज होती दिखाई दे रही है। बदरीनाथ सीट के दोनों दावेदार कुछ न कुछ बयान देकर सियासत को गरमा रहे हैं। यह अलग बात है कि कर्णप्रयाग तथा थराली सीट के दावेदार किसी तरह की बयानबाजी से अब तक बचते रहे हैं। यानि इन दोनों सीटों के दावेदार बयानवीर न होने के चलते सियासत को गरमा नहीं पा रहे हैं।

कर्णप्रयाग विधानसभा सीट पर फिलहाल कोई सियासी हलचल चुनावी तैयारियों को लेकर होती नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि कांग्रेस के पिछले विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी रहे मुकेश नेगी मौजूदा दौर में गैरसैंण ब्लाॅक के गांवों की पगडंडियां नाप रहे हैं। भाजपा विधायक अनिल नौटियाल पिछले दिनों अपने घर पर ही धार्मिक आयोजन के चलते सियासी कोलाहल से दूर रहे। हालांकि नौटियाल को मंत्रीमंडल में जगह मिलने की संभावना बनी थी किंतु ऐसा हो नहीं पाया। फिलहाल नौटियाल अन्य इलाकों के दावेदारों की तरह चुनावी तैयारियों को लेकर खास हलचल में नहीं दिखाई दे रहे हैं। यह अलग बात है कि भाजपा का संगठन चुनावी तैयारियों को लेकर तेजी में है। इसी के चलते जगह-जगह कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम चल ही रहे हैं अपितु सरकारी स्तर से भी तमाम कार्यक्रमों के संचालित हो रहे हैं। थराली विधानसभा सीट पर भी चुनावी तैयारियों को लेकर सियासी कोलाहल नहीं सुनाई दे रहा है। मौजूद दौर में भाजपा के भूपाल राम टम्टा भाजपा के विधायक हैं। इस बीच उनकी भी कोई खास सक्रियता अथवा बयानबाजी चुनावी तैयारियों को लेकर नहीं सुनाई दे रही है। यह अलग बात है कि इस बीच वे भी तमाम आयोजनों में शामिल होकर अपनी सक्रियता का संदेश दे रहे हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक डा. जीत राम की दावेदारी इस बीच देखने को मिल रही है। हाल ही में नैनीताल विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होने के पश्चात जीतराम कुछ कार्यक्रमों में दिखाई दिए। अब माना जा रहा है कि सेवानिवृत्त होने के बाद आगामी दिनों में उनकी सक्रियता देखने को मिलेगी।

उक्रांद की इस बार सक्रियता के चलते दोनों राष्ट्रीय दलों के दावेदारों के पसीने छूट रहे हैं। कोई कह रहा है कि उक्रांद की मौजूदगी से उन्हें खतरा नहीं तो दूसरा पक्ष यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि उक्रांद की सक्रियता से उनके विपक्षी को ही नुकसान होगा।

इधर, विधानसभा की सीटों पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। कहा जा रहा है कि महिलाओं को आरक्षण देने की सरकारी मंशा के चलते सीटों में भारी इजाफा होगा। हालांकि पहाड़ की सीटों में मैदानी इलाकों के मुकाबले सीटों में बढोत्तरी की संभावना कम ही दिखाई दे रही है। विधानसभा सीटें महिलाओं को आरक्षित करने को चली चर्चा के बीच दावेदारों के हाथ पांव भी फूलने लगे हैं। खासकर मौजूदा और पूर्व विधायकों को अपनी-अपनी सीटों के आरक्षित होने का खतरा भी बना हुआ है। इसके चलते बदरीनाथ के विधायक ने तो परिसीमन को क्षेत्रफल के आधार पर करने का मामला उठा दिया है। इससे समझा जा सकता है कि विधायक अपने भविष्य को लेकर कितने चिंता में हैं।

बहरहाल चुनावी तैयारियों का साल होने के चलते दावेदारों की सक्रियता दिन व दिन नए-नए गुल खिला रही है। अभी तो शुरूआत है। देखना है आगे-आगे होता है क्या।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास लाए रंग, केंद्र से मिली बड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी

Wed Apr 1 , 2026
धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी ऋषिकेश में जाम से मिलेगी राहत, 12.67 किमी बाईपास निर्माण को केंद्र की स्वीकृति चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, धामी सरकार की पहल से बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!